दुर्गा दूर्गा 🙏🏻

दुर्गा ! यूँ तो हैं ,
 एक छोटा सा नाम ,
पर उस नाम में
 गूंजे उनका काम |


कोमल भावनाओं से सुसज्जित,
सब कह्ते उनको " माँ " !
पर हैं वो मेरी 
प्यारी "नानी माँ " |

जीवन जिया जैसे 
छोटी सी अठखेली ,
जो बुझे सारे 
जीवन पहली |

 जो अपने जिज्ञासा को देती ,
अनमोल ज्ञान का दान |
उस ज्ञान से भर्ती
 लोगों के जीवन में स्वाभिमान |

 दुर्लभ, दूरदर्शिता से ,
जिसने रखा निर्माण |
भारत के छोटे से गाँव ,
 का किया कल्यान |


अपने खानपान से जादा , 
 करती कर्त्तव्य का मान |
हर मौसम मे हर जीवन ,
 का रखती ध्यान | 

नगर नगरी के चालक 
कुछ बुरा हो तो सुलझावत |

डरते जिससे,  
होते सब काम 
" दुर्गा सुधीर आरु " 
अमर रहे उस बाला का नाम |🙏🏻
Durga Sudhir Aru

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